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| Image Source: Pinterest |
डालियों के अश्क,
फूलों की मुस्कुराहटें
और शीशे में बसा एक रेशमी जहां।
आज़ादी इस रेशमी डोर को अंदाज़-ए-मन सजाने और संवारने की।
जो पसंद आए उसे अपनाने,
और जो दिल को ना भाए उससे नजरें हटाने की।
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डोर ख्वाब है या हकीकत,
फ़िलहाल बात नहीं करते।
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