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| Image Source: Pinterest |
🏠 हैं लाल भी यहां और, हैं यहां स्वेत भी।
कहीं खुशी की लहर तो कहीं हैं परेशानियां भी,
कहीं अथाह संपन्नता तो कहीं उतनी ही दरिद्रता भी,
कहीं जन्मदिन तो कहीं किसी के जाने का हैं गम भी,
विचित्र है यह दुनिया और यहां के हम लोग भी।
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यह घर रंग-बिरंगे, और इनमें बसी कहानियां भी।
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