ना जाने कहां चला गया है आज?
परदों के पीछे,
चारपाई के नीचे,
सारे कमरों में ढूंढा,
मुख्य द्वार को भी हो आई,
अपितु मुझे कहीं दिखा नही वो।
ना जाने कहां चला गया है आज?
हैरान-परेशान हो, जब कहीं बात नहीं बनी तो एक ज़ोर की आवाज़ लगाई,
फिर एक ज़ोर की आवाज़ मेरे कानों तक भी आई "भौं-भौं" , मेरे पड़ोस के घर से।
मानो यह आवाज मुझसे कह रही हो कि "मैं अभी यहां हूं, थोड़ी देर में आऊंगा।"
अब रोज़ यह आवाज सुनते हैं,,,, मेरे पड़ोसी। :D
| चित्र स्त्रोत: मेरी फोन की गैलरी। |
उन्हें आवाज़ यह फरमान सुनाती है कि "मैं आ गया हूं, दरवाज़ा खोलो, मुझे बिस्किट दो और मेरे साथ खेलो।"
अब तो यह सिर्फ हमारा ही नहीं, हमारे पड़ोसियों का भी चहेता है। अगर कभी उन्हें इसकी आवाज ना आए तो स्वयं आ जाते हैं मिलने।
जादू और प्रेम की खुराक है यह "भौं-भौं"। ❤️

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