तो क्या बात है।।

चित्र स्रोत: मेरी फोन गैलरी

गर जो औरों में रोशनी ना तलाश
खुद की अंतरात्मा को रोशन कर जाओ 
तो क्या बात है।।

तम से अधीर हुए बिना
उजाले के प्रतीक बन जाओ 
तो क्या बात है।।

रुष्टता से परे 
सींचो जो आशियाने को स्नेह से 
तो क्या बात है।।

बात बस इतनी सी है ,
कि अंधेरों में भी रोशनी है 
पराजय में भी सीख 
अगर जो यह बात समझ जाओ
तो क्या बात है।।

Comments

Popular Posts