१०१८ बैच
तस्वीर स्त्रोत : गूगल।
तकरीबन १० - १५ दिनों पहले मैं एक इंटरव्यू देख रही थी , यूट्यूब पर। आज थोड़ा समय मिला है तो सोचा क्यूं ना अपने अनुभव को शब्दों में बयान करूं। मुलाकात , २०१८ बैच की आईपीएस अफसर , इल्मा अफ़रोज़ मैम और ऋचा मैम के दरमियान थी। शो का नाम जिंदगी विद ऋचा।। यह कार्यक्रम मुझे काफ़ी पसंद हैं , क्योंकि इसमें ऐसे हस्तियां रूबरू होती हैं जिनकी जीवनी वाकई प्रेरणादायक होती है और इच्छाशक्ति अद्भुत। परेशानियों को धूल चटा , कुछ उम्दा करने का जज्बा रखने वाले साधारण से दिखने वाले , असाधारण मानव।मैंने जब इलमा अफ़रोज़ मैम को सुना , विभिन्न मंचों पर , , तो बहुत कुछ सीखने को मिला। उनके विचार अद्भुत , सौम्य और नैतिकता से परिपूर्ण। She is a live inspiration.
उनकी कही हुई कुछ बातें मेरे मस्तिष्क में समाहित हो , दिल को छू गई।
वह कुछ बातें ,
• पैर जमीन पर और निगाहे लक्ष्य पर।
• ख्वाब बड़े-बड़े देखो उन्हें देखने के लिए किसी से पूछना नहीं है कि , कौन सा वाला देखूं क्या सोचूं , लेकिन मेहनत उससे भी ज्यादा बड़ी उससे भी ज्यादा करो।
• मेहनत का कोई विकल्प नही है।
• अपने वक्त की कीमत को समझो कभी यह मत सोचना कि बहुत टाइम है हो जाएगा टाइम चला गया तो वापस नहीं आएगा।
• सीखेंगे सबसे लेकिन जो भी करेंगे अपने राष्ट्र के लिए।
• हमारे होने का कोई मकसद है।
• लकीर को कभी छोटी मत करो हमेशा लंबी लकीर खींचो।
• मेहनत के आगे हर चीज हासिल है।
• अपनी मर्जी से अपनी जिंदगी के फैसले लेना सीखो और डरना किसी विषय से नहीं।
• जिंदगी में बस आगे बढ़ो बस अपनी मंजिल की ओर देखो।
• मुस्कुराना मत भूलो।
• हमें लगता है co curricular activities समय की बर्बादी हैं , लेकिन ऐसा नहीं हैं , इससे आपके पर्सनालिटी में निखार ही आता है। तो थोड़ा समय इन्हे भी दो।
• अंततः , करत करत अभ्यास से , जड़मति होत सुजान
हैं ना , ये अनमोल जीवन मंत्र ! जिसकी वह जीती जागती मिसाल है।
(Mehnet mein magic to hain bhai..)
Signing off for now , फिर मिलते हैं जल्द हीं।

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